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Tuesday, 31 December 2024

गागल-सिमस संपर्क सड़क के उन्नयन से श्रद्धालुओं को मिलेगी वाहनों के जाम से मुक्ति

प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना-तीन के तहत व्यय होंगे लगभग 5 करोड़ रूपये, आवागमन होगा सुरक्षित व सुगम 

मंडी जिला के जोगिन्दर नगर उपमंडल के प्रमुख धार्मिक स्थल संतान दात्री मां शारदा (सिमसा) के दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं को अब न केवल आए दिन लगने वाले वाहनों के लंबे जाम से मुक्ति मिलने वाली है बल्कि आवागमन भी बेहतर व सुगम होने वाला है। प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना-चरण तीन के तहत गागल से सिमस लगभग पांच किलोमीटर संपर्क मार्ग के उन्नयन (अपग्रेडेशन) का कार्य शुरू हो चुका है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस सड़क के उन्नयन कार्य पर लगभग 5 करोड़ रूपये व्यय किये जा रहे हैं। इस निर्माण कार्य के चलते जहां सड़क को चौड़ा किया जा रहा है तो वहीं सड़क के किनारे नाली, फुटपाथ सहित मेटलिंग व टारिंग का कार्य भी किया जाएगा। साथ ही सड़क पर आवागमन को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए जगह-जगह डंगे, पैरापेट, क्रैश बैरियर व स्टड रिफलेक्टर इत्यादि भी स्थापित किये जाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सड़क पर अब छोटे-बड़े सभी वाहनों को जहां पास देने की दिक्कत से छुटकारा मिल जाएगा तो वहीं आए दिन लगने वाले वाहनों के लंबे जाम से मुक्ति मिलने पर अब श्रद्धालु सीधे मां के दरबार में आसानी से पहुंच पाएंगे।

जोगिन्दर नगर उपमंडल के अंतर्गत तहसील लडभड़ोल के गांव सिमस में मां शारदा (सिमसा) का यह पवित्र स्थान मौजूद है। प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु मां के दर्शनार्थ मंदिर परिसर में पहुंचते हैं। विशेषकर नवरात्रों के दौरान संतान की चाहत में बड़ी संख्या में महिलाएं हिमाचल प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों से भी अपनी मन्नत को पूरा करने के लिए यहां पहुंचती हैं। ऐसे में नवरात्रों के दौरान मां के दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं को जहां सड़क के तंग होने से न केवल घंटों वाहनों की जाम की स्थिति से परेशानी झेलनी पड़ती है तो वहीं लंबा जाम लगने पर दो से तीन किलोमीटर तक पैदल सफर भी करना पड़ता है। लेकिन अब सडक़ के विस्तारीकरण से श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी वाहनों के इस लंबे जाम से मुक्ति मिलने वाली है।

सड़क के विस्तारीकरण कार्य में 70 फीसदी निजी भूमि, स्थानीय लोग खुलकर कर रहे सहयोग 

गागल-सिमस संपर्क सड़क के विस्तारीकरण कार्य में लगभग 70 फीसदी निजी भूमि आ रही है। लेकिन मां सिमसा के प्रति लोगों की गहरी आस्था व विश्वास का ही परिणाम है कि लोग खुलकर निजी भूमि का दान कर रहे हैं। स्थानीय वासियों राकेश कुमार, अनिल कुमार, रमेश चंद, सुरेश कुमार, राजेश कुमार इत्यादि का कहना है कि मां सिमसा के कारण ही आज उनके गांव का नाम हिमाचल प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे भारत में प्रसिद्ध हुआ है। संतान की चाहत में प्रति वर्ष हजारों महिलाएं देश-विदेश से अपनी मन्नत को पूरा करने को मां के दरबार में पहुंचती है। मां शारदा की ही शक्ति का प्रसाद है कि आज हजारों परिवारों को संतान सुख प्राप्त हो रहा है। उनका कहना है कि प्रतिवर्ष बढ़ते श्रद्धालुओं के कारण ही स्थानीय लोगों को सीधे व परोक्ष तौर पर रोजगार के अवसर पर भी मिल रहे हैं।

गांव की ही 73 वर्षीय बुजुर्ग महिला सीता देवी का कहना है कि जब अस्सी के दशक में पहली बार सड़क सिमस गांव पहुंची थी तब भी ग्रामीणों ने खुलकर निजी भूमि दान की थी तथा आज भी वे सड़क के विस्तारीकरण में अपनी निजी भूमि का दान कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह मां शारदा का ही चमत्कार है कि आज सिमस गांव में तरह-तरह के विकास कार्य संभव हो पाए हैं तथा लोगों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है। पहले गांव की महिलाओं को मात्र एक घड़ा पीने के पानी का इंतजाम करने में घंटों कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी तथा 2 से 3 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था।

 क्या कहते हैं अधिकारी: 

एसडीएम जोगिन्दर नगर मनीश चौधरी का कहना है कि संतान दात्री मां शारदा (सिमसा) इस क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थान है। मां के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का ही परिणाम है कि प्रति वर्ष भारी तादाद में लोग दर्शनार्थ यहां पहुंचते हैं। उनका कहना है कि गागल-सिमस संपर्क मार्ग के विस्तारीकरण का कार्य शुरू हो जाने से जहां आने वाले समय में यातायात सुगम व सुरक्षित होगा तो वहीं श्रद्धालुओं को भी आने-जाने में सुविधा मिलेगी। साथ ही स्थानीय वासियों को भी इस सड़क सुविधा का सबसे अधिक लाभ सुनिश्चित होगा। DOP 01/01/2025










Friday, 10 September 2021

लोक निर्माण विभाग के माध्यम से जोगिन्दर नगर में व्यय हो रहे 141 करोड़ रूपये

पीएमजीएसवाई के तहत 50 करोड़ तो नाबार्ड के माध्यम से खर्च हो रहे 37 करोड़

    जोगिन्दर नगर विधान सभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग 141 करोड़ रूपये की धनराशि विभिन्न सडक़ों, पुलों एवं अन्य विकास कार्यों पर खर्च की जा रही है। जिनमें प्रधान मंत्री ग्राम सडक़ योजना के अंतर्गत 50 करोड़ जबकि नाबार्ड के माध्यम से लगभग 37 करोड़ रूपये की धनराशि शामिल है।

    जोगिन्दर नगर विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो वर्तमान सरकार के साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग 141 करोड़ रूपये की राशि खर्च की जा रही है। जिनमें प्रधान मंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत कुल आठ सडक़ निर्माण कार्यों पर लगभग 50 करोड़, नाबार्ड के माध्यम से विभिन्न सडक़ परियोजनाओं पर लगभग 37 करोड़, पुलों के निर्माण पर लगभग 28 करोड़ तथा विभिन्न भवनों के निर्माण पर लगभग 18 करोड़ रूपये की धनराशि शामिल है।
    अकेले प्रधान मंत्री ग्राम सडक़ योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत जोगिन्दर नगर विस क्षेत्र में आठ सडक़ परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। जिनमें लगभग साढ़े 6 करोड़ रूपये की लागत वाली गलू-भटवाड़ सडक़, पांच करोड़ रूपये की लागत वाली भराडू-बनारू डोम सडक़, लगभग अढ़ाई करोड़ रूपये की लागत से निर्मित हो रही कस-पथोलू सडक़, सवा चार करोड़ रूपये की लागत से बन रही गुम्म्मा-खारसा सडक़, पौने पांच करोड़ रूपये की लागत से निर्मित हो रही द्रुब्बल-बनवार सडक़, लगभग अढ़ाई करोड़ रूपये की लागत से अपग्रेड हो रही चक्का-झमेहड़, लगभग 13 करोड़ रूपये की लागत से अपग्रेड हो रही ढेलू-भटेहड़ तथा तीन करोड़ रूपये की लागत से अपग्रेड हो रही आहजू-सूजा सडक़ का निर्माण कार्य शामिल है।
    इसी तरह नाबार्ड के माध्यम से लगभग 37 करोड़ रूपये की सडक़ों एवं पुलों का निर्माण कार्य भी विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। जिनमें लगभग साढ़े तीन करोड़ रूपये की लागत से निर्मित हो रही ऊपरला भडयाड़ा से निचला भडयाड़ा सडक़, लगभग तीन करोड़ रूपये की लागत से बन रही द्रमण-कून-का-टार सडक़, लगभग पौने पांच करोड़ रूपये की लागत से बन रही बयूंह-कुंड सडक़ तथा लगभग साढ़े तीन करोड़ रूपये की लागत से निर्मित हो रही कडकूही-जलह-चघेड़ सडक़ शामिल है। इसके अलावा लगभग पांच करोड़ रूपये की लागत से सपडू-लंगा तथा 13 करोड़ रूपये की लागत से सुदृढ़ होने वाली बगोड़ा-बगला-हरड-रोपड़ी-मोरडुघ सडक़ की टैंडर प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया गया है तथा जल्द ही इनका कार्य भी शुरू होने जा रहा है।
    इसके अतिरिक्त सांढापत्तन में ब्यास नदी पर लगभग 23 करोड़ जबकि जोगिन्दर नगर-सरकाघाट-घुमारवीं सडक़ पर मच्छयाल में रणा खड्ड पर लगभग साढ़े पांच करोड़ रूपये की लागत से पुलों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
क्या कहते हैं अधिकारी:
    अधिशाषी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग जोगिन्दर नगर संजीव सूद ने बताया कि जोगिन्दर नगर क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के माध्यम से 141 करोड़ रूपये की राशि व्यय हो रही है जिसमें से वर्तमान में लगभग 115 करोड़ रूपये के विभिन्न विकास कार्य प्रगति पर हैं। जिनमें सडक़ों पर पीएमजीएसवाई के तहत 50 करोड़ व नाबार्ड के माध्यम से 19 करोड़, 2 पुलों के निर्माण पर 28 करोड़ जबकि 9 भवनों के निर्माण पर लगभग 18 करोड़ रूपये की धनराशि शामिल है।
क्या कहते हैं विधायक:
    जोगिन्दर नगर के विधायक प्रकाश राणा का कहना है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान लोक निर्माण विभाग के माध्यम से जोगिन्दर नगर विधानसभा क्षेत्र को लगभग 73 करोड़ रूपये की नई विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिनमें पीएमजीएसवाई के तहत 23 करोड़, नाबार्ड के अंतर्गत 37 करोड़ तथा पुलों व अन्य विकास कार्यों के लिए 13 करोड़ रूपये की धनराशि शामिल है।






Thursday, 6 February 2020

पीएमजीएसवाई के तहत जोगिन्दर विस क्षेत्र को 98 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत


गत पांच वर्षों में सडक़ सुविधाओं से जुड़े कई गांवो, बेहतर व आसान हुआ आवागमन
जोगिन्दर नगर विधान सभा क्षेत्र में गत पांच वर्षों के दौरान प्रधान मंत्री ग्राम सडक़ योजना (पीएमजीएसवाई) के माध्यम से लगभग 98 करोड़ रूपये की विभिन्न सडक़ परियोजनाओं को स्वीकृति प्राप्त हुई है। जोगिन्दर नगर क्षेत्र में इन विभिन्न सडक़ परियोजनाओं के कारण जहां कई गांवों सडक़ सुविधाओं से जुड़े हैं तो वहीं लोगों का आवागमन पहले से बेहतर व आसान भी हुआ है। सडक़ें किसी भी क्षेत्र के विकास का मूल आधार होती हैं। गांवों में सडक़ उपलब्ध होने से लोगों को आवागमन की सुविधा तो होती ही है बल्कि इससे क्षेत्र की आर्थिकी को भी बल मिलता है। सडक़ सुविधा का सबसे बड़ा लाभ किसान को होता है। किसान द्वारा तैयार नकदी फसलों, दूध इत्यादि को बाजार तक ले जाने में सुगमता होती है तथा इससे समय की भी बचत होती है।
जोगिन्दर नगर विस क्षेत्र की बात करें तो गत पांच वर्षों के दौरान पीएमजीएसवाई के तहत लगभग 98 करोड़ रूपये की कुल 23 सडक़ परियोजनाओं को स्वीकृति प्राप्त हुई है जिनमें से कई परियोजनाओं का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। वर्ष 2016-17 के दौरान कुल 9 सडक़ परियोजनाएं जिनमें अढ़ाई करोड़ रूपये की ढ़ेलु हार-टिकरू सडक़, सवा दो करोड़ रूपये की घट्टा-बाग सडक़ चरण-दो, अढ़ाई करोड़ की नौहली ऊपरली से अंदरालू ऊपरला चरण-दो, पौने दो करोड़ रूपये की बलोटू-गवैला सडक़, दो करोड़ रूपये की सांडा-माकनवाल सडक़, अढ़ाई करोड़ की गियुणी-परैण सडक़, साढ़े तीन करोड़ रूपये की भरड़ौण-गंगोटी सडक़, साढ़े पंाच करोड़ रूपये की मच्छयाल-बटाड़ी ब्यूंह सडक़ का सुधारीकरण तथा लगभग पौने दो करोड़ रूपये की कुंडुनी-भलयांदरा सडक़ शामिल है। इनमें कुंडुनी-भलयांदरा सडक़ को छोडक़र बाकी का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
इसी तरह वर्ष 2017-18 के दौरान कुल 11 सडक़ परियोजनाओं को स्वीकृति प्राप्त हुई है जिनमें अढ़ाई करोड़ रूपये की खद्दर-बडान सडक़, डेढ़ करोड़ रूपये की गदयाड़ा-ठारा सडक़ का सुधारीकरण, पौने सात करोड़ रूपये की गलू-भटवाड़ सडक़, सवा 12 करोड़ रूपये की भराडू-बनाडू डोम सडक़, लगभग अढ़ाई करोड़ रूपये की कस-पथोलू सडक़ का सुधारीकरण, लगभग सवा चार करोड़ रूपये की गुम्मा-खारसा सडक़, सवा एक करोड़ रूपये की शानन-आरठी सडक़, एक करोड़ रूपये की पेटू नाला से गडूही सडक़, अढ़ाई करोड़ रूपये की बालकरूपी-दारट बगला सडक़, 57 लाख रूपये की चौंतड़ा से टिकरी मुशैहरा सडक़ का सुधारीकरण तथा पौने पांच करोड़ रूपये की द्रुबल-बनवाड़ सडक़ का कार्य शामिल है।
वर्ष 2018-19 की बात करें तो इस क्षेत्र को कुल 8 सडक़ परियोजनाओं को मंजूरी प्राप्त हुई जिनमें एक करोड़ रूपये की चल्हाणू-सौं सडक़, लगभग सात करोड़ रूपयेे की बडौन-पीपली सडक़, लगभग अढ़ाई करोड़ रूपये की चक्का-झमेहड़ सडक़, पौने दो करोड़ रूपये की भडयाड़ा-धनयातर सडक़, डेढ़ करोड़ रूपये की भटेड़-त्रामट सडक़, 88 लाख रूपये की चौंतड़ा-पस्सल सडक़ का सुधारीकरण तथा एक करोड़ रूपये की मकरीड़ी-खिल्ल-छतरी व सवा दो करोड़ रूपये की सुजा-भजराला सडक़ का निर्माण कार्य शामिल है।
क्या कहते हैं सांसद:
मंडी लोकसभा क्षेत्र से सांसद राम स्वरूप शर्मा का कहना है कि प्रधान मंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत अकेले जोगिन्दर नगर विस क्षेत्र को गत पांच वर्षों के दौरान लगभग 98 करोड़ रूपये की सडक़ परियोजनाओं को मंजूर करवाया है। उन्होने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 16 करोड़ रूपये की दो नई सडक़ परियोजनाओं को स्वीकृति प्राप्त हुई है जिनमें लगभग 13 करोड़ रूपये की ढेलू-भटेहड़ तथा तीन करोड़ रूपये की आहजू-सूजा सडक़ शामिल है। उन्होने कहा कि सभी औपचारिकताएं पूर्ण होते ही इनका भी निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ होगा। इसके अतिरिक्त जोगिन्दर नगर-सरकाघाट-घुमारवीं मुख्य सडक़ पर मच्छयाल में लगभग साढ़े पांच करोड़ रूपये की लागत से 40 मीटर स्पैन पुल का निर्माण कार्य भी जारी है।
क्या कहते हैं विधायक:
जोगिन्दर नगर के विधायक प्रकाश राणा का कहना है कि मुख्य मंत्री जय राम ठाकुर के आशीर्वाद तथा सांसद राम स्वरूप शर्मा के सहयोग से इस क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं रखी जा रही है। उनका कहना है कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान सरकार ने जोगिन्दर नगर विस क्षेत्र की लगभग 35 कि.मी. सडक़ों के रखरखाव को लगभग पांच करोड़ रूपये स्वीकृत किये हैं। इसके अलावा लगभग साढ़े 15 कि.मी. अतिरिक्त सडक़ों के रखरखाव को लगभग पौने दो करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि भी जारी की है। साथ ही कहा कि नाबार्ड के माध्यम से जोगिन्दर नगर विस क्षेत्र को 22 करोड़ रूपये की लागत वाली पांच सडक़ परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्राप्त हुई है।